sanjay123: कमियां गिनाने से अच्‍छा गुणों की चर्चा करें

कमियां गिनाने से अच्‍छा गुणों की चर्चा करें

20 Aug 2013 at 02:33pm
व्‍यक्ति चाहे कितना भी शिक्षित, महान क्‍यों न हो वह आमतौर पर अपनी आलोचना सहन नहीं कर पाता। कुछ लोग एक सीमा तक ही अपने कार्यों एवं व्‍यक्तित्‍व की आलोचना सुनते और सह पाते हैं लेकिन बहुतायत लोग ऐसे नहीं होते। इसलिए यदि किसी व्‍यक्ति को आगे बढाना हो, उसकी क्षमताओं का पूरा उपयोग करना हो और उसे रचनात्‍मक क्रांति के लिए प्रेरित करना हो तो उसकी कमियां गिनाने की बजाय उसके गुणों का बखान करें। इसी से विकास के नए आयाम मिलेंगे।

Comments

  • 20 Aug 2013 at 06:23pm
    Excellent views would look forward to see more from u sanjay ji

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